👆 किसी भी भाव पर टैप करें — उसमें बैठे ग्रह व पूरा विवरण खुलेगा
यह राशिफल नहीं — आपकी अपनी कुंडली, चल रही दशा व आज के ग्रह-गोचर से बना समग्र फल।
जो कार्य करना है उसे चुनें — आगामी शुभ तिथियाँ, नक्षत्र व समय अपने-आप आ जाएँगे। (शुद्ध पंचांग गणना पर आधारित)
आपकी कुंडली के अपने उपाय — रोज़ करते जाइए, यहीं निशान लगाते जाइए। आपकी लगन (streak) व प्रगति अपने-आप दिखती रहेगी।
पूरे महीने की तिथियाँ — किसी भी दिन पर क्लिक करें, उस दिन का पूरा पंचांग, होरा, चौघड़िया, मुहूर्त व सौर प्रविष्टे खुल जाएगा।
अगले 5 महीनों की प्रमुख तिथियाँ — आपके चुने स्थान के सूर्योदय अनुसार गणना।
यह क्या है? सर्वतोभद्र चक्र ज्योतिष का सबसे पुराना चक्र है — 81 खानों में 28 नक्षत्र, 12 राशि, तिथि-वार और नाम के अक्षर, सब एक जगह। मानसागरी व फलदीपिका में वर्णित।
वेध क्या है? कोई ग्रह जिस नक्षत्र में बैठा हो, वहाँ से तीन रेखाएँ निकलती हैं — एक सीधी और दो तिरछी। जिन खानों पर ये रेखाएँ पड़ती हैं, उन पर उस ग्रह का "वेध" कहलाता है।
- शुभ ग्रह का वेध (चंद्र · बुध · गुरु · शुक्र) — अनुकूल, काम बनते हैं
- पाप ग्रह का वेध (सूर्य · मंगल · शनि · राहु · केतु) — बाधक, रुकावट आती है
- कोई वेध नहीं — निर्बाध, सबसे अच्छी स्थिति
मानसागरी का नियम: एक वेध से मतभेद · दो से हानि · तीन से रोग या पराजय। यही गिनती शुभ ग्रहों की हो तो उतना ही अनुकूल फल।
किस काम आता है? यात्रा शुभ है या नहीं · नया काम कब शुरू करें · मुहूर्त की जाँच · मंडी में तेजी-मंदी का संकेत — और यह सब बिना कुंडली के भी, केवल नक्षत्र से।
रंग कैसे पढ़ें:
तीनों बटन क्या करते हैं:
- ↻ फिर से बनाएँ — चक्र दोबारा गिनकर ताज़ा करता है (आधी रात के बाद ज़रूरी)
- 🕉 पारस वाणी से पूछें — आज के वेध लेकर चैट खुल जाएगी और उत्तर अपने-आप आएगा
- चक्र का कोई भी खाना दबाइए — उस खाने पर किस ग्रह का वेध है, नीचे खुल जाएगा
⚠ यह पूरी तरह शुद्ध खगोलीय गणना है — AI का कोई हाथ नहीं। इसीलिए आप इसे किसी भी पंचांग से मिलाकर जाँच सकते हैं।
अगले कुछ महीनों में कौन-सा ग्रह कब किस राशि में जाएगा — तिथि, समय (भारतीय) व नक्षत्र सहित। शुद्ध खगोलीय गणना।
💎 कौस्तुभ जेम्स — पारस वाणी का अपना रत्न-भंडार, 1997 से धर्मशाला (हिमाचल)। हर रत्न प्रयोगशाला-प्रमाणित, सील-बंद पैकिंग, GJEPC व BIS से संबद्ध।
आपकी जन्म-तिथि से मूलांक व भाग्यांक — स्वामी ग्रह, शुभ अंक, रंग व दिन। नीचे अपना मोबाइल नंबर भी जाँच सकते हैं।
वर व वधू की जन्म तिथि, समय व शहर भरें — नक्षत्र व राशि अपने-आप निकलेंगे।
◈ वर (लड़का)
◈ वधू (लड़की)
मन में सवाल है? प्राचीन होररी (प्रश्न) पद्धति — जिस क्षण और 📍 जिस स्थान से आप प्रश्न पूछते हैं, उसी की कुंडली बनाकर उत्तर दिया जाता है (browser पहली बार स्थान-अनुमति पूछेगा)। प्रश्न स्पष्ट व एक ही रखें।
आपकी कुंडली अनुसार जीवन के मुख्य कार्यों के लिए शुभ दिशाएँ — घर व मुख्य द्वार, पूजा-स्थान, सोना, अध्ययन व व्यापार।
शिशु का जन्म विवरण भरें — जन्म-नक्षत्र व चंद्र राशि अनुसार शुभ अक्षर व सुंदर नाम सुझाए जाएँगे।
जो सपना देखा, लिखिए — भारतीय स्वप्न-शास्त्र अनुसार उसका शुभ/अशुभ संकेत, अर्थ व उपाय बताया जाएगा।
आपकी कुंडली के ग्रह-योग अनुसार कौन-सा रुद्राक्ष धारण करना शुभ रहेगा — मुखी, संबंधित ग्रह, लाभ व धारण-विधि सहित।
ग्रह-गोचर के अनुसार आगामी समय में किन वस्तुओं के भाव ऊपर जा सकते हैं और किनके नीचे — वस्तु पर क्लिक करें।
कोई भी रिपोर्ट चुनें — AI ज्योतिषी आपकी कुंडली, दशा व वर्ग-कुंडलियों (नवांश, दशमांश आदि) को देखकर 7 अध्यायों की विस्तृत रिपोर्ट लिखेंगे। इसमें 5-8 मिनट लगते हैं।
जो भी रिपोर्ट आपने बनवाई है, यहीं सुरक्षित है — कभी भी खोलें या PDF निकालें। दोबारा बनवाने की ज़रूरत नहीं।